वन मंत्री केदार कश्यप ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को दिया सामाजिक सुरक्षा का संबल

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने आज दरभा, बस्तर वनमंडल में आयोजित कार्यक्रम में राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को सहायता राशि वितरित की। कार्यक्रम हरेली बर्ड फेस्टिवल एवं विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों ने सहभागिता की।इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने 5 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 2-2 लाख रुपये की दर से कुल 10 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक प्रदान किए।संग्राहक परिवारों का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताwकार्यक्रम को संबोधित करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण से प्राप्त पारिश्रमिक और प्रोत्साहन राशि वनवासी, आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों के परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का संकल्प है कि तेंदूपत्ता संग्राहक केवल वन संपदा के संग्रहणकर्ता न रहें, बल्कि आर्थिक रूप से सशक्त, सामाजिक रूप से सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने वाले परिवार बनें। संग्राहक परिवारों का आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”केदार कश्यप ने कहा कि राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना इसी संकल्प को धरातल पर उतारने वाली महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से विपरीत परिस्थितियों में संग्राहक परिवारों को आर्थिक सहारा प्रदान किया जा रहा है, ताकि उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।6 माह में 1,233 प्रकरणों में 17.90 करोड़ रुपये की सहायताकेदार कश्यप ने बताया कि जनवरी 2026 से जून 2026 की अवधि में राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत 1,233 प्रकरणों में कुल 17.90 करोड़ रुपये की सहायता राशि का वितरण किया जा रहा है।aउन्होंने कहा कि दरभा में आयोजित कार्यक्रम योजना के लाभों को सीधे संग्राहक परिवारों तक पहुंचाने और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।11.40 लाख संग्राहकों को 752.86 करोड़ रुपये का ऑनलाइन भुगतानकेदार कश्यप ने वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के 11.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 752.86 करोड़ रुपये की संग्रहण पारिश्रमिक राशि का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा चुका है।उन्होंने कहा कि पूरी राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में अंतरित की गई है। इससे भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता, त्वरितता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है तथा संग्राहकों को उनकी मेहनत का पारिश्रमिक बिना किसी बिचौलिये के सीधे प्राप्त हुआ है।a7.14 लाख संग्राहकों को 162.32 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशिकेदार कश्यप ने बताया कि वर्ष 2023 में लाभ अर्जित करने वाली 621 समितियों के लगभग 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को कुल 162.32 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण का कार्य भी पूर्णता की ओर है।wउन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और वन आधारित अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान के साथ जोड़ा जाए।तेंदूपत्ता केवल वन उपज नहीं, लाखों परिवारों की आजीविका का आधार—केदार कश्यपकेदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ की वन आधारित अर्थव्यवस्था में तेंदूपत्ता संग्रहण का विशेष महत्व है। प्रदेश के लाखों वनवासी, आदिवासी और ग्रामीण परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है।aउन्होंने कहा, “तेंदूपत्ता केवल वन उपज नहीं है, यह हमारे वनवासी परिवारों की आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार की प्राथमिकता है कि संग्राहकों को समय पर भुगतान मिले, उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा मिले और उनकी मेहनत का पूरा सम्मान हो।”वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार आजीविका, पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा—तीनों स्तरों पर तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना इसी व्यापक दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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