1.मैरिज सर्टिफिकेट क्या होता है?
मैरिज सर्टिफिकेट (Marriage Certificate) एक सरकारी दस्तावेज़ है, जो यह प्रमाणित करता है कि दो व्यक्तियों का विवाह कानूनन पंजीकृत (Registered) है। यह प्रमाण पत्र संबंधित विवाह पंजीयन अधिकारी द्वारा जारी किया जाता है और पूरे भारत में वैध कानूनी दस्तावेज़ के रूप में स्वीकार किया जाता है।
आज के समय में केवल पारंपरिक रीति-रिवाजों से विवाह करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि विवाह का सरकारी पंजीकरण (Marriage Registration) करवाना भी आवश्यक है। मैरिज सर्टिफिकेट आपके वैवाहिक संबंध का आधिकारिक प्रमाण होता है, जिसकी आवश्यकता कई सरकारी और निजी कार्यों में पड़ती है।
2.मैरिज सर्टिफिकेट क्यों महत्वपूर्ण है?
मैरिज सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज़ है, जिसकी आवश्यकता विभिन्न परिस्थितियों में होती है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
- पासपोर्ट बनवाने या जीवनसाथी का नाम जोड़ने के लिए।
- वीज़ा आवेदन एवं विदेश यात्रा से संबंधित प्रक्रियाओं में।
- बैंक खाते, बीमा (Insurance) और अन्य वित्तीय सेवाओं में नाम अपडेट कराने के लिए।
- संपत्ति (Property) से जुड़े कानूनी मामलों में।
- सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए।
- न्यायालय (Court) में वैवाहिक संबंध के कानूनी प्रमाण के रूप में।
- पति या पत्नी के नाम परिवर्तन अथवा अन्य सरकारी दस्तावेज़ों में संशोधन के लिए।
इसलिए प्रत्येक विवाहित दंपत्ति के लिए मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।
3.छत्तीसगढ़ के प्रत्येक विवाहित दंपत्ति को मैरिज सर्टिफिकेट क्यों बनवाना चाहिए?
यदि आपका विवाह छत्तीसगढ़ राज्य में हुआ है या आप छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, तो विवाह पंजीकरण करवाकर मैरिज सर्टिफिकेट अवश्य बनवाना चाहिए। यह न केवल आपके विवाह को कानूनी मान्यता प्रदान करता है, बल्कि भविष्य में किसी भी सरकारी, कानूनी या प्रशासनिक कार्य के दौरान आवश्यक प्रमाण के रूप में कार्य करता है।
आजकल अनेक सरकारी सेवाओं, बैंकिंग प्रक्रियाओं, बीमा दावों, पासपोर्ट आवेदन, संपत्ति संबंधी मामलों तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों में मैरिज सर्टिफिकेट की मांग की जाती है। इसलिए विवाह के बाद जल्द से जल्द विवाह पंजीकरण कराना एक समझदारी भरा कदम है।
4.छत्तीसगढ़ में मैरिज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कैसे करें?
छत्तीसगढ़ सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। राज्य के नागरिक Seva Setu Portal/App के माध्यम से घर बैठे मैरिज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन के दौरान आपको आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं, आवेदन पत्र भरना होता है और आवेदन जमा करना होता है। आवेदन की जांच पूरी होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा मैरिज सर्टिफिकेट जारी किया जाता है।
इस लेख में हम आपको Seva Setu Portal/App के माध्यम से छत्तीसगढ़ में मैरिज सर्टिफिकेट बनाने की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़, पात्रता, शुल्क, आवेदन की स्थिति (Status) कैसे देखें तथा प्रमाण पत्र डाउनलोड करने की जानकारी चरणबद्ध तरीके से बताएंगे। https://sewasetu.cgstate.gov.in/home?lang=hi
5.आवश्यक दस्तावेज़
- • शपथ पत्र (Affidavit) – यह शपथ पत्र आप अपने नजदीकी न्यायालय (Court), अधिवक्ता (Advocate) या ग्राम पंचायत कार्यालय के माध्यम से बनवा सकते हैं। आवेदन के साथ निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र संलग्न करना आवश्यक होता है।
- वर एवं वधु का संयुक्त रंगीन फोटो (2A साइज) – विवाह प्रमाण पत्र हेतु।
- आधार कार्ड (अनिवार्य)।
- मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) – (वैकल्पिक, यदि उपलब्ध हो)।
- वर का जन्म प्रमाण पत्र अथवा 10वीं की अंकसूची (मार्कशीट) – आयु प्रमाण के लिए।
- वधु का जन्म प्रमाण पत्र अथवा 10वीं की अंकसूची (मार्कशीट) – आयु प्रमाण के लिए।
- वर एवं वधु द्वारा प्रथम पृष्ठ पर हस्ताक्षरित दस्तावेज़ – यह दस्तावेज़ आप अपने नजदीकी न्यायालय (Court), अधिवक्ता (Advocate) या ग्राम पंचायत कार्यालय के माध्यम से निर्धारित प्रारूप में बनवाकर, वर एवं वधु दोनों के हस्ताक्षर करवाकर आवेदन के साथ संलग्न करें।
- वर एवं वधु द्वारा द्वितीय पृष्ठ पर हस्ताक्षरित दस्तावेज़ – यह दस्तावेज़ भी अपने नजदीकी न्यायालय (Court), अधिवक्ता (Advocate) या ग्राम पंचायत कार्यालय से निर्धारित प्रारूप में बनवाकर, वर एवं वधु दोनों के हस्ताक्षर करवाने के बाद आवेदन के साथ संलग्न करें.
- • चालान (शुल्क भुगतान रसीद) की प्रति – विवाह पंजीकरण का चालान आप https://ekoshonline.cg.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन जनरेट एवं भुगतान कर सकते हैं। शुल्क का भुगतान सफल होने के बाद चालान की प्रति (Receipt) डाउनलोड करके आवेदन के साथ संलग्न करें।
- विवाह के 21 दिनों के भीतर आवेदन करने पर शुल्क ₹20।
- विवाह के 21 दिनों के बाद आवेदन करने पर शुल्क ₹500।
- शुल्क संबंधित नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत के नियमानुसार देय होगा।
- वर पक्ष एवं वधु पक्ष, दोनों के विवाह आमंत्रण पत्र जिनमें वर एवं वधु दोनों का नाम स्पष्ट रूप से अंकित हो। (दोनों पक्षों के आमंत्रण पत्र संलग्न करना आवश्यक है।)
- तलाक प्रमाण पत्र (Divorce Certificate) – यदि किसी एक पक्ष का पूर्व में तलाक हो चुका हो।
- विधवा/विधुर प्रमाण संबंधी दस्तावेज़ – यदि किसी एक पक्ष के पूर्व जीवनसाथी का निधन हो चुका हो और यह दस्तावेज़ लागू हो।
- अंतरधार्मिक विवाह प्रमाण पत्र – यदि विवाह अंतरधार्मिक है और संबंधित नियमों के अनुसार यह दस्तावेज़ आवश्यक हो।
महत्वपूर्ण सूचना: आवेदन से पहले सभी दस्तावेज़ों की स्पष्ट (Clear) स्कैन कॉपी या फोटोकॉपी तैयार रखें। यदि किसी दस्तावेज़ की आवश्यकता आपके मामले में लागू नहीं होती है, तो उसे जमा करना आवश्यक नहीं होगा। साथ ही, आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देश अवश्य जांच लें।
छत्तीसगढ़ में मैरिज सर्टिफिकेट के लिए कौन आवेदन कर सकता है? (पात्रता)
- दुल्हन (पत्नी) की न्यूनतम आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- दूल्हे (पति) की न्यूनतम आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- पति और पत्नी भारत के नागरिक होने चाहिए।
- विदेश में रहने वाले भारतीय (NRI) दंपत्ति, यदि उनकी पात्रता संबंधित नियमों के अनुसार है, तो वे भी आवेदन कर सकते हैं।
- अंतरजातीय विवाह (Inter-Caste Marriage) करने वाले दंपत्ति भी मैरिज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- अंतरधार्मिक विवाह (Inter-Religion Marriage) करने वाले दंपत्ति भी संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार विवाह पंजीकरण करा सकते हैं।
- कोर्ट मैरिज (Court Marriage) करने वाले पति-पत्नी मैरिज सर्टिफिकेट के लिए पात्र हैं।
- पारंपरिक रीति-रिवाजों (Traditional Marriage) से विवाह करने वाले दंपत्ति भी विवाह पंजीकरण कराकर मैरिज सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते हैं।

