
रायपुर, 20 फरवरी 2026।नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले सुकमा जिला से आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहल के तहत 35 युवा (16 युवतियां एवं 19 युवक) प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने के लिए चेन्नई रवाना हुए। यह उपलब्धि विष्णु देव साय के नेतृत्व में युवाओं के सशक्तिकरण हेतु किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।

जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में संचालित ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित युवाओं को लाइवलीहुड कॉलेज परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर युवाओं के चेहरे पर उत्साह, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की स्पष्ट झलक दिखाई दी।एमओयू से खुले राष्ट्रीय अवसरों के द्वारजिला प्रशासन ने निजी क्षेत्र में रोजगार के ठोस अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चेन्नई स्थित Drive Management Services के साथ विशेष एमओयू किया है। इस साझेदारी के माध्यम से सुदूर अंचलों के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में रोजगार का सुनहरा अवसर मिल रहा है। यह पहल विशेष रूप से उन युवाओं के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है, जिन्हें अब तक सीमित अवसरों के कारण प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्राप्त नहीं हो पाता था।महिला सशक्तिकरण की मिसालचयनित अभ्यर्थियों में 16 युवतियों की भागीदारी महिला सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह पहल न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन का भी संकेत देती है। पहली बार जिले से बाहर रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलने से युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई है।कलेक्टर अमित कुमार ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने और उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने का माध्यम है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि सुकमा का प्रत्येक युवा कौशलयुक्त बने और उसे आजीविका के लिए श्रेष्ठ मंच प्राप्त हो।ग्राम आसिरगुड़ा (कोंटा) निवासी सोड़ी बसंती ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि पहली बार घर से बाहर रोजगार का अवसर मिला है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकेंगी। बोरगुड़ा निवासी सोनिया नुप्पो ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।उल्लेखनीय है कि सुकमा जिला प्रशासन भविष्य में भी रोजगार मेलों, कौशल विकास प्रशिक्षण और उद्योग साझेदारियों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्र की छवि से आगे बढ़ते हुए सुकमा को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और अवसरों से परिपूर्ण जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर, लाइवलीहुड कॉलेज के प्रभारी अधिकारी कैलाश कश्यप सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

